ऑफिस मे ऑफिस के बाद

एक और शाम हुई, रोज़ जैसे सब ऑफिस छोड़ घर को चले गए,मैं कुछ देर और रहूंगा, यहां की थकान यही उत्तार कर जाऊंगा, मेहनत उतरने के लिए अब और मेहनत कौन करे,२-४ लाइनें लिख कर देखता हूं, शायद काम बन जायेगा, कभी ध्यान दिया है ऑफिस मे कितने रंगों कि दीवारे, और रोशनियां हैं,इनका ही घर है ये, जहां तुम बिना इनसे पूछे रोज़ … Continue reading ऑफिस मे ऑफिस के बाद

मशीनों से मोक्ष

मशीनों से मोक्ष: एक डॉक्टर की कहानी

मैं एक बहुत प्रसिद्ध डॉक्टर और बेहतरीन सर्जन हूँ। मेरे पास बहुत-सी मशीनें थीं, मेरी लगभग सारी गतिविधियाँ स्वचालित थीं। इन मशीनों की मदद से मैं कुछ भी कर सकता था, बस मुझे आदेश देना होता था और ये बुद्धिमान प्रोग्राम उसे पूरा करने के लिए बाध्य होते थे। ये मशीनें वास्तव में सिस्टम थीं, इंसानों द्वारा बनाए गए “प्रोग्राम”। इंसान ने इन प्रणालियों को … Continue reading मशीनों से मोक्ष: एक डॉक्टर की कहानी

that last moment

वह आख़िरी मुलाक़ात

वे दोनों एक रेस्टोरेंट में थे। लड़के ने कॉफी ऑर्डर की थी। लड़का चुप था। लड़की ने कहा “पापा ने पूछा है कि अगर शादी करनी हो तो अभी बता दो।” लड़के ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, चुप ही रहा। फिर लड़की ने कहा, “चलो छोड़ो इस बात को। मैं अब ऐसा कोई सवाल नहीं करूँगी जिसका जवाब देने में तुम्हें परेशानी हो। अपने ऑफिस … Continue reading वह आख़िरी मुलाक़ात