ऑफिस मे ऑफिस के बाद

एक और शाम हुई, रोज़ जैसे सब ऑफिस छोड़ घर को चले गए,मैं कुछ देर और रहूंगा, यहां की थकान यही उत्तार कर जाऊंगा, मेहनत उतरने के लिए अब और मेहनत कौन करे,२-४ लाइनें लिख कर देखता हूं, शायद काम बन जायेगा, कभी ध्यान दिया है ऑफिस मे कितने रंगों कि दीवारे, और रोशनियां हैं,इनका ही घर है ये, जहां तुम बिना इनसे पूछे रोज़ … Continue reading ऑफिस मे ऑफिस के बाद